जिस रॉकी पर्वत ओर उतरे सवाल, क्या हाली में Canada में G7 बैठक की शुरुआत
जब पिछले बार Canada में G7 बैठक की शुरुआत में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कनाडा पहुंचे थे, तब उनकी एक तस्वीर ने पूरे विश्व का ध्यान खींच लिया था। जबकि जर्मनी की तत्कालीन नेता Angela markel तीखे अंदाज में उनकी ओर बड़े गुस्से से देख रही थीं। ऐसे टाइम के होने वाली G7 लीड्स में क्या नई दिशा करेंगी? मौजूदा स्थिति में अगर कोई ऐसा साझा उद्देश्य नजर आता हैं। ताकि बढ़ते हुए वैश्विक तनाव के टकराव से किसी भी तरह बचना है। जब सोमवार को canada के रॉकी पर्वत क्षेत्रीय इलाके में शुरू हुई ग्रुप ऑफ सेवन समिट की भूमि कुछ ऐसी ही हैं।
2018 में हुई बैठक का विवाद आज भी ताज़ा हैं।
2018 में हुए बैठक में विवाद आज भी ताज़ा हैं, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति Donald ने Air force में सवार होते सोशल मीडिया के कनाडाई मेजबानों की खुलकर निराशा जताई हैं। उन्होंने जताया है कि क्यूबेक में मौजूद अमेरिकी अफसरों को सयुक्त बयान का समर्थन करने के लिए साझा आदेश दिए हैं। जिसमें जापान, फ्रांस इटली और कनाडा के नेताओं ने साफ मजूरी का आदेश दिया।
पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड donald trump ने अपने सोशल मीडिया मंच के जरिए ट्विटर पर लिखा कि अमेरिका के सयुक्त बयान में विरोध न करने के निर्देश दिए, क्योंकि अमेरिका आयात वाहनों पर टैरिफ लगाने का विचार कर रहा हैं। फिलहाल वर्तमान में अमेरिकन पहले से ही स्थिति अधिक संवेदनशील हो गई। क्योंकि दर्जनों देशों पर सख्त आयात शुल्क लगा चुका हैं। जिस कारण अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा हैं। यूक्रेन और गाजा में जारी संघर्ष का निर्णायक हल सामने नहीं आया और आज भी ईरान के परमाणु मुद्दे पर जारी तनाव एक नए विकृति स्थिति की चुनौती बनती जा रही हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने रविवार को व्हाइट हाउस और आने से पत्रकारों को जवाब देते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने लिखकर संदेश में अमेरिकी अपनी व्यापार नीति को लेकर स्पष्ट किया। उनका कहना था, की आवश्यक जरूरत पर अन्य देशों को सरल रूप से पत्र का भेजना। तभी भुगतान और टैरिफ सूत्रों को स्पष्ट कर दी जाएगी, उनके मुताबे संदेश को जारी करते समय G7 लीडर्स बैठक के दौरान कुछ नए व्यापार समझौतों की घोषणा हो सकती हैं।
क्या जी20 की बढ़ती निश्चिता जारी रहेंगी।
जब तक donald trump के नेतृत्व पर प्रशासन स्पष्ट संकेत नहीं दे पा रहा क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप नवंबर में साउथ अफ्रीका में भविष्य में होनेवाली G20 समिट की बैठक में शामिल होंगे या नहीं यह देखना होंगा। तब जी7 की स्थिति पर सवाल उठने लगे हैं। क्यूबेक में हुए 2018 की बैठक के दौरान ट्रंप ने टैरिफ मुद्दे पर आपत्ति जताई। साझा नीतिगत या समन्वित नीति के तहत गठबंधन बनाने की अवधारणा की वकालत की थी।
Quebec City में जारी जी7 लीड्स की बैठक पर कनाडाई सलाहकार और जी7 सम्मेलन का अनुभव रखने वाले boehm ने सलाह दी कि “नियम पर आधारित वैश्विक व्यवस्था” के उल्लेख की भाषा थी। इस तनाव से भरे माहौल में वह चर्चित तस्वीर को सामने लाया गया। जिसने में संकेत दिया गया था, जिस G7 शिखर सम्मेलन की बैठक में पारंपरिक एकजुटता में दरारें कमजोर पड़ रही हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ अपने सकारात्मक संबंधों की हकीयत देते हुए बयान में बताया गया कि यह कूटनीतिक दृष्टिकोण से महत्व पूर्ण हैं। इस वर्ष के बावजूद जी7 से जुड़े ऐसे को घोषणा पत्र की तैयारी नहीं की गई। इसे एक संकेत की तौर पर देखा जा रहा हैं, क्योंकि जानकार बताते है कि यदि स्वाभाविक बयान देने से अमेरिकी लक्ष्यों, उदा; ऊर्जा क्षेत्र की जीवाश्म ईंधन में विस्तार, टैरिफ और यूरोप सुरक्षा सैन्य नीति में चेंज वॉशिंगटन सिटी उस सहमति को पक्ष देने में मेल नहीं खात।
जी7 की मूल वर्तमान वास्तविकता हैं।
सीएसआईएस की कैटलिन से विख्यात, डोनाल्ड ट्रंप के कार्यालय में G7 लीड्स से जुड़े मामलों पर काम किया करती थी। कहना है कि ट्रंप कूटनीतिज्ञ सोच विचार साफ है, ऐसी समझौते का स्वीकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि उनकी नीतिगत प्राथमिक परस्थितियों से मेल न खाए। उनके ख़्याल में, प्रशासन की अवधारणा मजबूत हैं। विपरीतजनक सहमति से काफी बेहतर से कही सहमति न हो। तात्पर्य व्हाइट हाउस में जारी जी7 के उद्देश्यों को लेकर कई विकृत रूपरेखा साझा नहीं की गई हैं। हालांकि जी7 से जुड़ी 1970 में विस्तृत मंत्रियों की एक बैठक में आर्थिक तेल संकट से निपटने के लिए बुलाया।
समय बीतने के साथ मंच वार्षिक शिखर सम्मेलन में तब्दील हो गई, जहां व्यक्तिगत कूटनीति के मुलाकात को मजबूत करना या अंतराष्ट्रीय स्तर पर मुद्दों के जरिए बढ़ाना है। किसी अंतराष्ट्रीय शक्तियों के इस मच पर विस्तार करते हुए रूस को शामिल किया है और समूह जी8 के नाम से जाना जा रहा हैं। जब 2014 में रूस ने यूक्रेन कुछ क्षेत्र पर नियंत्रण स्थापित किया और उस क्षेत्रीय इलाकों में अपनी सैन्य मौजूदगी को बढ़ाया। क्योंकि 2022 में रूस ने यूक्रेन के खिलाफ लड़ाकू सैन्य करवाई शुरू कर दी। जिसमें वैश्विक राजनीतिज्ञ में तनाव पूर्व वातावण निर्माण हुआ हैं।
इसी बीच कनाडा में हो रही जी7 शिखर सम्मेलन के उपस्थिति में अमेरिकी डोनाल्ड ट्रंप कई नेताओं से गंभीर विषय पर द्विपक्षीय मुलाकात करने वाले हैं। उनकी पहली बैठक सोमवार की सुबह कनाडा के मौजूद प्रधानमंत्री Mark Carney के साथ तय हैं। डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात यूक्रेन राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेन्स्की के साथ ही सकती हैं।
अमेरिका में मैक्सिको और कनाडा से आनेवाली उत्पादों पर अनुरूप 25% की टैरिफ लगाई गई हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने इन फेंटानिक तस्करी को रोकने के उपाय के तरीके पेश किए। 2020 में यूनाइटेड स्टेट्स और कनाडा की शर्तों की तहत लाभ लेती हैं।
अटलांटिक से जुड़े अर्थशास्त्री जोश लिपस्की अपने आकलन में लिखा, डोनाल्ड ट्रंप संभवतः चीन का बढ़ता आर्थिक मुकाम और दबाव के मुद्दे पर जारी समिट अन्य देशों को एकसाथ लाने की कोशिश करेंगे। उनके मुताबे अन्य नेता अपने तर्क पर सवाल उठा सकते है, जब अमरीक अपने सहयोगियों पर टैरिफ लगा रहा हैं। जिस जी7 के मंच पर मौजूदा रणनीति बनाना पहली की तुलना में कही से अधिक हार्ड हो जाता हैं।
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