बीमा पॉलिसी

बीमा पॉलिसी जहां तक एक कंपनी के नुसार व्यक्ति का खुदका व्यवसाय और आम इंसान का अपना बीमा पॉलिश बनाना यही एक बीच का कानूनी द्वार है। जहां से आपको बीमा को अनुलेखित करने से सूचित करते हे वहां मदद लेना। बीमा पॉलिसी आपके रोजमर्रा के काम में वृद्धि और व्यक्ति के जीवन में सुधरना को पूरा करती हैं। कुछ नुकसान होने कारण खुद आपको और बीमा पॉलिसी जिम्मेदारी को समझना। कई लोग बीमा पॉलिसी को चयन करते समय कुछ जरूरी चीजें को देखना पड़ता हैं। जहां पर नुकसान होने का जरूरी चीजों के लिए कुछ अटी का पालन करना पड़ता हैं। अपने बीमा पॉलिसी को अनुलेखित करना और बीमा पॉलिसी कंपनी के अधूरे कार्यों में मदद मिल सकती हैं।

जहां पर अनगिनत पॉलिसी को कुछ जरूरी चीजें, उदा; ठक्कर जरूरी फाईल, आवश्यक भुगतान फाईल विशिष्ट शर्तों को समझाना होंगा। आपके लिए निर्णायक होंगा की, आपका नुकसान होने पर विशिष्ट फाईलों सुनिश्चित करें।

बीमा पॉलिसी में का कुछ हिस्सा पुष्ट का होना एक महत्वपूर्ण ही भाग हैं। जहां पर कहा जाता है एक बीमा व्यक्ति अपनी विरासत को कवर करता हैं। पॉलिसी की अंतिम सीमाएं क्या? इसका शेवट क्या हो सकता हैं? उदा; व्यवसाय संबंधित पॉलिसी के पृष्ठ, जैसे कि कपड़ों का व्यवसाय शुरू करना, जूतों का व्यवसाय करना। इसमें बीमित व्यक्ति का मूल्यवान राशि याने कि, बीमा पॉलिसी के तहत बीमा भुगतान देने से पहले चूकना पड़ेगा। ऐसे में जीवन बीमा तहत हर बीमा व्यक्ति के लिए अपना नाम शामिल करना होंगा।

बीमा पॉलिसी का समझौता

जहां तक पॉलिसी कंपनी के कुछ सूत्र पर किए गए वादे, हर बीमा पॉलिसी के समझौते पर बीमित व्यक्ति के तहत कुछ बात पर रिलैक्स महसूस होता हैं। बीमाकर्ताओं के जोखिम को सामने लाकर कर्ज भरना। कुछ अवसरों को प्रस्तुत करना है, इसका एक मूल अंशः होता हैं। एक कमजोर कड़ी के निरंतर पर, खाली उन कमजोर कड़ी को कवर करके जीवन बीमा पॉलिसी को सत्यापित क्या जाता हैं। अतिशय दृढ़ कमजोर कड़ी जिससे आपको विशेष कवरेज पर कुछ कारणों हानिकारक विवादों को कवर करना है। जहां हानिकारक विवाद नहीं होते, वहां बीमा पॉलिसी अत्यंत घातक पॉलिसी होती हैं।

बीमा पॉलिसी के तहत अपवाद को पॉलिसी के अंतर्गत आनेवाले कवरेज को बाहर धकेलना पड़ता हैं, इस अपवाद के मूल्य को निम्नलिखित से जाने:

  1. हानिकारक जोखिम
  2. संपत्ति

घर के वारिस जीवन पॉलिसी के तहत बहिष्कृतक खतरों का निवारण जैसे; की भूकंप के जाते आना, भयंकर बाढ़ का सामना करना। व्यवसाय पॉलिसी के अंतर्गत कोई हानिकारक चीज का भुगतान करना हैं, या घर के वारिस जीवन बीमा पॉलिसी के तहत उदा; पालतू जानवर, संपत्ति, वाहन और बड़े में हवाई जहाज हो सकता है।

बीमा पॉलिसी के अंतर्गत शर्तों को प्रधान्य देना चाहिए, जो बीमित सेवा योजनाओं का भुगतान देने का वादा करता है। निम्मित बीमा पॉलिसी के शर्तों को पूरा नहीं करते, बीमित व्यक्ति द्वारा किए गए वादों को निष्क्रियता से नहीं स्वीकारते। इस पॉलिसी नियमित शर्तों को बीमा कंपनी के पास नुकसान भरपाई का प्रमाण दिखाना जरूरी हैं।

जहां तक कोई चीज गलत या नुकसान होने आशंका हे, तब अधिक से ज्यादा महंगा साबित होता हैं। कुछ सीमित कारणों से, जहां से आपको ज्यादा जोखिम लेने की जरूरत होती हैं। प्रधान्य सेवा देने वाली बीमा पॉलिसी कंपनी हर एक व्यक्ति की जोखिम लेने की सलाह देनी पड़ती हैं और वह आपके पास से मोहं बदला देना होता है। पॉलिसी के अंतर्गत बड़े व्यवसाय और कोई एक व्यक्ति की लिमिटेड पॉलिसी को प्रतिबंध करने की आवश्यकता है।

जोखिमभरी बीमा पॉलिसी की धारणाएं

अन्य कोई व्यवसाय को आगे बढ़ाना हो तो कई हद तक जोखिम शामिल हैं। व्यवसाय में खरीदे हुए सामान खराबी होने की जोखिम लेनी हो और भूमिगत आपदाओं की जोखिम उतनी हो। सभी प्राकृतिक घटनाओं का व्यवसायों पर विपरीत घटना गठित होना। इस प्रकार से “जोखिम शब्द सरल अर्थ हैं।” प्रतिकृत व्यवसायों पर अधिक सक्रिय दबाव डालना है। जैसे; आग लगने की जोखिम से नुकसान को कम करने आवश्यकता है। किसी भी व्यवसाय में दुर्घटित घटाओं को निश्चरियत प्रभावों से अपने आपको बचाना है। व्यवसाय को भारी नुकसान से बचना हो या खुद के ऊपर आए जोखिम को दूसरे पर धकेलना हैं।

हाय कोलिट प्रीमियम बीमा पॉलिसी

बीमित व्यक्ति से संबंधित पॉलिसी के अंतर्गत प्राप्त की गई फीस को प्रीमियम बीमा पॉलिसी कहते हैं। जहां आप प्रीमियम जीवन बीमा के वो, हुए रोहित है जो ५₹,शर्तों को नियमित रूप से अघटित होने वाली समस्याओं को दूर करना और मूल्यों को अधोरेखित करना होता हैं। बीमा पॉलिसी कंपनी के ऐसी अलग-अलग प्रकार की पॉलिसियां प्रीमियम को एक साथ जोड़ती है, आम तौर पर बीमा कंपनी के ऑफिस में पैसे को जमा रखती है। इसके निर्धारती राशि को बढ़ावा देती है, हालांकि बीमा  व्यक्ति और व्यवसाय संबंधित पॉलिसी पर दावे करते हैं।

जहां बीमा ऑफिस का उद्देश्य की व्यवसाय प्रतिशत दाम कमाने का अवसर होता है, कंपनी से आशंका लगाई जाती है कि, हर साल में प्राप्त प्रीमियम योजना का लाभ ले। जिस साधन से आप अपनी अर्जित राशि को निवेश करते हो, तो अपनी जमा राशि से किए गए दावे को जताना होंगा। जीवन बीमा पॉलिसी कंपनी की अधिक से ज्यादा देखभाल करनी पड़ती हैं, अनुरक्षित किया हो उनसे अपने वादों से पक्का रहना क्योंकि बीमा कंपनी में पैसे जमा करने के लिए पर्याप्त से ज्यादा धन की राशि होना जरूरी हो।

बीमा पॉलिसी किस तरीके से सेवाएं देती हैं?

अपनी बीमा पॉलिसियां कुछ सेवाओं का लाभ प्रदान करती हैं। जैसी बीमा पॉलिसी के अधिवृत प्रीमियम राशि के अवधि की संभावना से बीमा धारक के सेवाओं का पूंजी धन का जमा करना है। खाली प्रजीत राशि का एक परसेंट बीमाधारक से संबंधित दूसरे एक विभिन्न धन राशियों का एक प्रतिशत उपहार समाज सकता हैं। विभिन्न प्रकार की पॉलिसियों द्वारा उपलब्ध दिया गया मोबदला हैं। जैसे; 32 साल की एक श्री. मयूरी वह 12 साल की प्रीमियम वाली एक भुगतान राशि को खरीदते हैं। जब 42 साल के बाद भुगतान राशि की सीमाएं खत्म हो जाए तो, श्री. मयूरी को जीवन बीमा पॉलिसी तहत राशि के बदले अर्जित राशि का भुगतान देना होंगा।

बीमा पॉलिसी के कवरेज का काम करने का तरीका।

बीमा कवरेज पॉलिसी को निरंतर बढ़ावा देने के लिए कुछ शर्तों का होना आवश्यक है:

  1. जीवित रहने के लिए एक बीमा व्यक्ति का आवश्यकता होती हैं।
  2. प्रीमियम की भरपाई समय पर करना चाहिए।
  3. बीमा पॉलिसी को प्रतिबंध नहीं किया जा सकता हैं।
  4. जब प्रीमियम राशि का समय से पहले भरपाई की जाती हैं, जब एक व्यक्ति की मौत होती है, तब उसके परिवार को और उसके माता-पिता की मोबदला मिलता हैं।

जहां तक बीमा पॉलिसी के बारे बताया गया हैं, किसी एक जीवन बीमा कंपनी के पॉलिसी के तहत मोबदला चुकाने की भरपाई करता है।

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