रूस के कामचटका में रिकॉड तोड़ हिमपात की घटना:
रूस में बर्फबारी: रूस के कामचटका में रिकॉड तोड़ हिमपात की घटना से भारी बर्फबारी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया , जिससे कई कस्बे और शहर बर्फ की चादर से ढक गए। पूरे शहर 10 फुट मोटी बर्फ की चादर से आच्छादित हो गए। पूरा इलाका भीषण बर्फीले तूफान की चपेट में आ गया।
रूस के राष्ट्रीय मौसम विभाग के अनुसार , पिछले 130 वर्षों में सबसे भारी हिमपात हुआ है। 2026 की इस रिकॉर्ड तोड़ हिमपात ने कामचटका शहर में परिवहन व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है।
रूस के कामचटका में रिकॉड तोड़ हिमपात से शहर के स्थानीय सरकारी अधिकारियों ने बताया है कि हिमपात घरों की छतों तक पहुंच गया है और कई लोगों की मौत हो गई है। सड़कों पर बर्फ की मोटी चादर बिछ जाने से वाहन ठप हो गए हैं। लोगों के जीवन में व्यवधान की खबर फैलने के बाद सरकार ने रेड अलर्ट जारी कर दिया है। कामचटका द्वीप पर हिमपात के कारण पूरे क्षेत्र को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सड़कों और शहर में लगातार हिमपात से 10 से 45 फीट ऊंचे बर्फ के ढेर लग गए हैं। शहर की ऊंची इमारतों में स्थित अपार्टमेंट बर्फ में दब जाने से लोगों के फंसे होने की खबरें हैं।
कामचटका में बर्फीले तूफान के कारण कई शहर जलमग्न हो गए।
रूस के पर्वतीय शहर कामचटका में हिमपात के कारण मौसम में भारी गड़बड़ी आई है, जिससे इस साल की सबसे भीषण बर्फबारी हो रही है। खबरों के अनुसार, बर्फबारी ने 130 साल पुराने रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया है। इसके चलते शहर की बिजली गुल हो गई है, सड़कों से बर्फ हटाने का काम जारी है, कई उड़ानें रद्द कर दी गई हैं और जानमाल के नुकसान की खबरें भी आई हैं।
कामचटका के केंद्रीय कार्यकारी प्रांत पेट्रोपावलोव्स्क के मेयर बेल्यायेव के अनुसार, शहर के सभी चार क्षेत्रों के लिए 15 जनवरी, 2026 को आपातकालीन चेतावनी जारी की गई है। रशियन टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, मेयर ने निवासियों से अपनी छतों से तुरंत बर्फ हटाने का आग्रह किया, और उन्हें दोषी ठहराते हुए कहा कि वे तूफान के शहर से गुजरने का इंतजार कर रहे हैं।
कामचटका में भीषण हिमपात के कारण क्या हो सकता हैं?
कामचटका और रूस के कुछ हिस्सों में भारी हिमपात का कारण उत्तरी प्रशांत महासागर से आने वाली ठंडी हवा द्वारा निर्मित निम्न दबाव क्षेत्र हो सकता है, जो सीमांत समुद्रों से होकर आ रही है।
आज व्यापार और स्कूल बंद हैं। बर्फ से ढकी हुई हैं, जिससे मांस, मटन, चावल, दूध और रोटी जैसे आवश्यक वस्तुओं की कमी हो गई है। रूस के स्काई न्यूज़ ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि रूस के कामचटका में 10 फुट स्काई स्नो के चित्र में दबी हुई तस्वीर देखी गई। लोग इस खूबसूरत नजारे का आनंददायक नजारा लेकर आए।
कामचटका में जनवरी में जारी बर्फबारी से स्थानीय लोग बर्फ के टीलों की चर्चा कर रहे हैं। कामचटका की बड़ी-बड़ी इमारतें पूरी तरह बर्फ में दब गई हैं और कई वाहन बर्फ के ऊंचे टीलों के नीचे फंसे हुए हैं। लोगों को -30 डिग्री सेल्सियस के भीषण तापमान का सामना करना पड़ रहा है, और रात का तापमान -40 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है।
पेट्रोपावलोव्स्क क्षेत्र में भारी हिमपात के कारण पहले ही दिन 40 फीट तक बर्फ गिर गई। आंकड़ों के अनुसार, इतनी बर्फ कुछ ही घंटों में गिरी, जबकि आमतौर पर एक महीने में गिरती है। लगभग 15 जनवरी को उत्तर-पश्चिम से चलने वाली तेज़ ठंडी हवाओं के कारण बर्फ की सघनता बढ़कर डेढ़ मीटर से अधिक हो गई।
समुद्री मील ने लोगों के जीवन में एक गंभीर संकट पैदा कर दिया है। कई बर्फ़ीले तूफ़ान ढह गए, कई चट्टानें ढह गईं। ओरिएंटल ने शहर का पूरा दृश्य ही बदल दिया। रेजिडेंट ने सोशल मीडिया पर बच्चों के चार खंडहरों से बने वीडियो साझा किए, जहां इतनी बर्फबारी हुई कि शहर की अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। प्रशासन ने सड़कों और छतों से बर्फ हटाने के लिए सरकारी आंकड़े जुटाए हैं। भारी उथल-पुथल के कारण निर्माण धंसने से कई लोगों की मौत हो गई।
कामचटका द्वीप भूकंपों और विशाल ज्वालामुखियों के लिए प्रसिद्ध क्षेत्र में स्थित है। एक चक्रवाती तूफान ने शहर में रिकॉर्ड तोड़ बाढ़ ला दी। लगातार तेज हवाओं और कीचड़ ने कई नई परिस्थितियां पैदा कर दी हैं, जिससे लोगों को भीषण मौसम का सामना करते हुए जीवित रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। टीम के अथक प्रयास जारी हैं।
कामचटका के एक इलाके की बर्फ में दबी तस्वीरों और वीडियो को दुनिया भर में सोशल मीडिया पर तेजी से देखा जा रहा है, जिन्हें अब नॉर्वे से भी साझा किया जा रहा है। बर्फ के ऊंचे-ऊंचे ढेर पूरी इमारतों से भी ऊपर तक पहुंच गए हैं और घरों के अंदर तक घुस गए हैं, जिससे एक आसन्न विनाशकारी खतरे की आशंका बढ़ गई है। दूरदराज के इलाकों में इस आपात स्थिति ने जलवायु परिवर्तन की कुछ घटनाओं की गंभीरता को और बढ़ा दिया है।
कामचटका में रिकॉर्ड तोड़ हिमपात कोई प्राकृतिक घटना नहीं है। यह रूस की अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता का स्पष्ट प्रमाण है। प्रशासन और प्रबंधन दल के अथक प्रयासों से लोगों के जीवन के अभिन्न अंग बन चुके प्राकृतिक संसाधनों को बहाल करने का कार्य जारी है।